भदोही कोतवाली

भदोही। अविश्वास प्रस्ताव की तिथि तय होते ही बीडीसी सदस्यों को उठाने और एक के बाद एक के अगवा होने की घटना के बाद बीडीसी सदस्य के साथ मार्च कर कुछ दूसरा दावा होने के बाद अब आरोपियों को सच का सामना करना होगा। क्योंकि इस मामले में शेषमणी दलित का बयान खास मायने रखता है। दो और बीडीसी सदस्यों के मामले के बाद अब निगाहें अगले कदम पर लगी हुई है।

इस सच का भी करना होगा सामना

अमूमन, पूर्ववर्ती सरकारों के शासनकाल में चुनाव होने अथवा अविश्वास प्रस्ताव की स्थिति में बीडीसी सदस्यों को एकजुट कर उठाने की परिपाटी इस जिले में रही है। भदोही ब्लाक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव की तिथि तय होने के बाद बीडीसी सदस्यों को उठाने का आरोप लगने के बाद सियासी हाई-प्रोफाइल ड्रामे की पटकथा का दूसरा अध्याय बीडीसी सदस्य के साथ मार्च रही। इसके बाद इस दलित बीडीसी सदस्य के बयान का भी सामना उन लोगों को जरूर को जरूर करना पडेगा जिन्होंने शांतिपूर्ण माहौल में हाई-प्रोफाइल मार्च कर सवालिया इस बात पर सवालिया निशान लगाया है क्या योगीराज में भी बीडीसी मतदाताओं को इस तरह से उठाने अथवा उन्हे प्रभावित करने का वहीं पुराना खेल जारी रहेगा या फिर इस पर प्रभावी ब्रेक भी लगना संभव हो सकेगा। बहरहाल, अभी तक के पूरे घटना में पुलिस और प्रशासन की भूमिका सराहनीय रही है। प्रशासन ने हर बात को सख्ती के साथ गंभीरता से लिया है।

To be continue

….तो कब होगी यह अनसुलझी परंपरा बंद

कालीन नगरी भदोही में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में धन बल का बहुत बड़ा प्रभाव रहा है। हमेशा से ही यह चुनाव में आजमाया जाता रहा है। सच यह भी है कि इस बात को जानते सभी हैं लेकिन कहने का साहस कोई नहीं जुटा पाता। सच तो यह है कि सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद एक नया माहौल बना है, जिसमें इस तरह की किसी घटनाक्रम को तवज्जो नहीं है। ऐसे में प्रशासन भी पूरी तरह से सजग है। पूर्व में हुई इस तरह के तमाम प्रकरणों की पुनरावृत्ति नहीं होने देना चाहेगा। बहरहाल, बहुचर्चित बीडीसी सदस्य प्रकरण में संबंधित के बयान के बाद अब लोगों की नजरें आगे के एक्शन पर टिकी हुई हैं।

हर गतिविधियों पर होती है इनकी पैनी नजर

भदोही की तीसरी आंख की पैनी नजर हर गतिविधियों पर रहती है। यह तीसरी आंख है भदोही जिला प्रशासन की। हर मोर्चे पर सफल डीएम साबित हुए जिलाधिकारी विशाख जी और पुलिस अधीक्षक सचीन्द्र पटेल ने विकास कार्यों के साथ अपराध नियंत्रण में पूरी सजगता और तत्परता के साथ जिम्मेदारी निभाते हुए सफलता पायी है।