सामूहिक विवाह

भदोही। महर्षि बाल्मीकि की तपोस्थली और जगत जननी सीता की निर्वासित स्थली सीतामढ़ी में गुरूवार को 29 जोड़े सामूहिक विवाह में एक दूजे के हो गए। गरीब तबके के इन जोड़ों का विवाह सीता समाहित स्थल ट्रस्ट सीतामढ़ी ने कराया। कन्हैयालाल पुंज मल्टीपरपज हाल में आयोजित सामूहिक विवाह में हजारों की संख्या में लोगों ने उपस्थिति जतायी। इस दौरान नजारा किसी मेले जैसे दिखा। विवाह के बाद नवविवाहित जोड़ों को घर गृहस्थी का सामान उपहार के रूप में दिया गया और जब नवविवाहित कन्याओं की विदाई हुई तो लोगों की आंखें नम हो गई।

पंडित सत्यनारायण प्रकाश पुंज व इंदुरानी पुंज

महर्षि बाल्मीकि की तपोस्थली और जगत जननी जानकी की समाहित स्थली सीतामढ़ी में प्रत्येक वर्ष सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष 29 जोड़े अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और दाम्पत्य सूत्र बंधन में बधे। इस दौरान सीता समाहित स्थल के मुख्य ट्रस्टी सत्यनारायण प्रकाश पुंज ने नवविवाहित जोड़ों को घर गृहस्थी के सामान के साथ उपहार भेंट किया। सामूहिक विवाह को देखने के लिए हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ी थी।
प्रबंधक कैलाश चंद्र

यहां गंगा पूजन के बाद होता है विवाह

सीता समाहित स्थल ट्रस्ट की ओर से सीतामढ़ी में गरीब परिवार के कन्याओ के विवाह की परंपरा पुरानी है। प्रति वर्ष आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह की शुरूआत गंगा पूजन से होती है। गुरूवार की सुबह गंगा पूजन के बाद भागीरथी के तट से मन्दिर के प्रागण तक बैडबाजो की धुन पर बारात निकली। बारात मंदिर से एक किमी की दूरी तय कर दयावन्ती पूज माडल स्कूल मे स्थित मल्टीपरपज हाल पहुची। जहाँ वारात के स्वागत के लिए लोग खड़े थे। फूलों से सजे मंच पर वरमाला र्कायक्रम हुआ। इसके बाद अग्नि बेदी के समक्ष सामूहिक रूप से वैदिक मन्त्रो से पंडित वैरिस्टर शुक्ल ने विवाह की रस्म अदा करायी।इस दौरान सत्य नारायण प्रकाश पुंज और उनकी पत्नी इंदुरानी पुंज ने वर वधू को आशीवाद दिया। फिर विदाई की घडी आयी। इस आवसर पर डा. राजकुमारी, प्रेमलता मिश्र कैलाश चन्द्र, तिलकराज भाटिया, के जैन महान्नद नौटियाल, सीमा फारूकी सहित भारी सख्या मे परिजन व हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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29 जोड़े की बसी नई गृहस्थी : कैलाश

सीता समाहित स्थल ट्रस्ट के प्रबंधक कैलाश चंद्र ने बताया कि 29 जोड़े दाम्पत्य सूत्र बंधन में बधे। सभी को उपहार के तौर पर घर गृहस्थी की सभी सामाग्री भेंट की गई।