भदोही एक खोज

भदोही। औराई तहसील क्षेत्र एतिहासिक विरासत की खोज एक बार फिर से शुरू हो गई है। पूर्व में BHU की टीम एक बार यहां का इतिहास खंगाल चुकी है। एक बार फिर अब यहां के तमाम रहस्यों से पर्दा उठने वाला है।

क्या है औराई तहसील की धरती पर

गंगा नदी के किनारे बसे गांव द्वारिकापुर में स्थित किलानुमा टीले में गुप्त कालीन सिक्के वर्तन व अन्य सामान के प्राप्त होने के बाद पुरातत्व विभाग यहां खुदाई कर इतिहास की तह में जाना चाहता है। यहां पाए गए बर्तनो व सिक्कों से अनुमान लगाया जा रहा है कि यह किला का अस्तित्व 1300 ईशा पूर्व का है। समुद्रगुप्त के कार्यकाल में यह प्रमुख बाणिज्य केन्द्र के रूप में विकसित हुआ।

यह किला गुप्त काल के विद्वान हरिषेण को पुरस्कार में मिला था। कुलाल जातक में द्वार गांव का उल्लेख है। जो कुम्हारी कला का केन्द्र था जो कालांतर में द्वारिकापुर हो गया। शास्त्रों में गंगा का नाम भद्रा आया है जिसके नाम से भदोही बना। इसके पास इटवा गांव में भी प्राप्त मूर्तिया पंचायतन पूजा विधि को प्रदर्शित करती है।

सूबे के अपर पुलिस महानिदेशक विजय कुमार ने नारियल तोड़ कर पुरातत्व विभाग द्वारा की जा रही खुदाई का शुभारंभ किया। औराई कोतवाली प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर सुनील दत्त दुबे भी मौजूद रहे। इंस्पेक्टर सुनील इतिहास के शोध छात्र रहे हैं।