नई बाजार

भदोही। नगर के काजीपुर स्थित फकीर सेठ के हाते में रविवार की रात मदरसा जामिया इस्लामिया अरबिया काजीपुर द्वारा दस्तार बंदी का आयोजन किया गया। मदरसे के सालाना दस्तार बंदी में 35 हूफ्फाज़-ए-कराम व 38 कारी-ए-कुरआन की उपाधि दी गई।

इस दौरान जलसा ए-दस्तार बंदी में मौलाना गयासुद्दीन कासमी ने इस्लाही तकरीर करते हुए कहा कि बड़े खुश नसीब वो माँ बाप होते है जिनके बच्चों को परवरदिगार दीन की ख़िदमत के लिए मुन्तख़ब करता है।कहा मदरसे से पढ़ कर फारिग होने वाले तुलबा ही मआशरे मे फैली बुराइयों को अल्लाह और रसूल की बातो को बता कर ख़त्म करने का काम करते है। कहा कुरआन को पढ़ो और समझो कुरआन हमारी रहबरी करता है कुरआन हमें जीने का सलीका बताता है। कहा आज हमारा मआशरा बद से बदतर हालात से गुजर रही है इसकी वजह हमने कुरआन का पढ़ना छोड़ दिया कुरआन को समझना छोड़ दिया। आज हमारे घर की बहन बेटियां खुले सर घूमती नजर आती है। आज हम दूसरे कौमो की नक़ल कर मजहबे इस्लाम के क़वानीन से दूर होते हुए नज़र आ रहे है यही वजह है कि हम पर जालिम हुक्मरां मुसल्लत किये जा रहे है यही वजह है कि हम जलिलो खार होते हुए नज़र आ रहे है।

हमें दुनिया की रहबरी के लिए भेजा गया हमें इल्म से मुजय्यन कर भेजा गया हमें दुनिया को रौशनी दिखाने के लिए भेजा गया मगर अफ़सोस आज हमीं अंधेरो में भटकते हुए नज़र आ रहे है।मौलाना ने कहा यह हमारे बद अमली का नतीजा है जो हम पर दुनिया ग़ालिब होती हुई नज़र आ रही है। कहा अपने अख़लाक़ को अच्छा बनाओ पड़ोसियों का हक़ अदा करो गरीबो मिस्कीनों बेवाओं पर रहम करो गिरतों को सहारा दो और कुरआन व सुन्नत के मुताबिक़ ज़िन्दगी गुजारो तुम्हे सर बलन्दी अता की जायेगी। कहा अपनी नस्लो को इल्म के हथियार से आरास्ता करो।

मौजूदगी

कार्यक्रम का आगाज कारी नाजिर ने क़ुरआने करीम की तिलावत से किया तो नाजिमे जल्सा मो.शम्सुद्दीन रहे और सदारत मौलाना अब्दुल अहद फलाही ने किया। इस दौरान हाजी अय्यूब असांरी हाजी अब्दुल रब पुर्व विधायक जाहिद बेग हाजी वकील अहमद असांरी अतहर अंसारी हलीमुल्ला असांरी मुश्ताक मौलाना सोहैब आलम नदवी अंसारी हाफिज अगर अली हाफिज अशरफ अंसारी,