दीपावली खास बात:

सबसे पहले टीम बीएनएन की ओर से दीप पर्व दीपावली की शुभकामनाएं। सात नवंबर को दीपावली है। इस दिन लक्ष्मी पूजन का महत्व है। मान्यता है कि घर में लक्ष्मी का पूजन हो तो बरकत बनी रहती है, जिन घरों में लक्ष्मी की पीतल या चांदी की मूर्ति होती है वहां रोज उसकी विधिवत पूजन होनी चाहिए। इसके पीछे सिर्फ धार्मिक महत्व नहीं है, पूरा मनोविज्ञान है, जो हमें धन कमाने और उसके सदुपयोग के लिए प्रेरित करता है। मंदिर में लक्ष्मी के साथ गणपति होना भी अनिवार्य है। कारण है, लक्ष्मी धन की देवी हैं तो गणेश बुद्धि के देवता। अगर लक्ष्मी घर में है तो वहां के इंसानों में बुद्धि होना जरूरी है ताकि वो लक्ष्मी का सदुपयोग कर सके।

लक्ष्मी पूजन का यह महत्व

शास्त्रों में लक्ष्मी पूजन को लेकर कुछ बातें स्पष्ट की हैं। अगर उन नियमों पर चलते हुए लक्ष्मी का पूजन रोज किया जाए तो घर में उनका स्थायी निवास होता है। शुक्रवार माता लक्ष्मी का दिन माना गया है। अगर घर में लक्ष्मी का स्थापना करनी हो तो शुक्रवार को करना चाहिए। शुक्र ग्रह लक्ष्मी की पूजा से शुभफल देता है। इससे जुड़े कुंडली के दोष भी दूर होते हैं।

स्वच्छता का संदेश

पूजा से जुड़ी खास बातें
इन 5 बातों का विशेष ध्यान रखें
मां लक्ष्मी की स्थापना वाली जगह साफ-स्वच्छ हो। वहां धूल और मकड़ी के जाले ना हों। धूल और मकड़ी के जाले घर में नेगेटिविटी फैलाते हैं। मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो धूल और मकड़ी के जाले आलस्य का प्रतीक हैं। जहां सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता है वहां ये होते हैं। आलस्य हो तो लक्ष्मी का आगमन नहीं हो सकता।

ऐसे करें रोज पूजन

मंदिर में लक्ष्मी के साथ गणपति भी स्थापित रहें। लक्ष्मी धन तो गणपति बुद्धि के प्रतीक हैं। बिना बुद्धि धन कमाया जा सकता है, लेकिन उपयोग नहीं किया जा सकता। रोज लक्ष्मी और गणपति को स्नान के बाद कुंकुम आदि से पूजन करें। लाल गुलाब चढ़ाएं। ये पवित्रता के प्रतीक हैं। जो बताते हैं कि लक्ष्मी का आगमन का स्रोत पवित्र हो। लक्ष्मी को भोग में खीर या मीठा दूध चढ़ाएं। ये सम्पन्नता और शक्ति का प्रतीक हैं। कार्य कुशलता में सम्पन्न और शक्ति से परिपूर्ण इंसान ही लक्ष्मी का अर्जन कर सकता है। रोज श्रीसूक्त या लक्ष्मी सूक्त का पाठ करें। ये नियम के प्रतीक हैं, ये पाठ आपको समझाते हैं कि लक्ष्मी को पाने के लिए कई नियमों को फॉलो करना होता है, तभी लक्ष्मी टिकती हैं।