भदोही। 78 लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशी उतारने के मसले पर अभी बीजेपी कोई निर्णय नहीं ले पायी है। सीट को लेकर खींचतान की सियासत के बीच बीजेपी में B-ब्राहमण और बिन्द के साथ निषाद पार्टी को लेकर प्रत्याशी की गणित उलझ गयी है। भदोही के जिन नेताओं की BJP के B फार्मूले में इंट्री हुई है, उनमें बसपा छोड़कर भाजपा में आए पूर्व विधायक रमेश बिन्द, भदोही के भाजपा विधायक रविन्द्रनाथ त्रिपाठी के साथ ही भदोही विधान सभा का चुनाव लड़ चुके शैलेन्द्र दूबे और महेंन्द्र बिन्द का नाम भी टिकटार्थियों की हिटलिस्ट में शामिल किया गया है, लेकिन इन सभी की राह में निषाद पार्टी भी स्पीड ब्रेकर बनी हुई है।

भदोही के सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त की सीट बदले जाने के बाद शून्यता के आकार में पहुंची बीजेपी में दावेदारों की कतार लग गयी है। हर कोई 78 लोकसभा से टिकट मांगने लगा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह भी सामने है कि सांसद मस्त की भदोही में सियासत के विरासत को अब कौन आगे बढ़ाएगा। इस मसले पर जब जवाब टटोला गया तो यहां भी बीजेपी का B फार्मूला ही नजर आया। इसमें सांसद के करीबीयों में शुमार और प्रतिनिधि रहे शैलेन्द्र दूबे और महेन्द्र बिन्द का नाम सामने आया है। इसमें शैलेन्द्र दूबे के नाम पर चर्चा केन्द्रीय चुनाव समिति में भी हो चुकी है। हालांकि बीजेपी में प्रमोट की जा रही बीएसपी परम्परा के तहत पूर्व विधायक रमेश बिन्द को पार्टी में शामिल कराने के बाद बीजेपी के तीन नेता रमेश को टिकट दिलवाने के लिए बड़े नेताओं की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं। हालांकि चर्चा तो विधायक रविन्द्रनाथ त्रिपाठी का भी नाम कम नही है। आधी आबादी (महिला) के बीच से भी प्रत्याशी उतारने की भी है। इसमें सपना दूबे का नाम भी चर्चा में है।

दूसरी तरफ निषाद पार्टी ने भी इस सीट को अपने लिए मांगा है। सूत्रों की माने तो गोरखपुर के अलावा अंबेडकर नगर, जौनपुर और भदोही सीट की डिमांड की है। हालांकि इन सीटों में सिर्फ गोरखपुर को छोड़कर किसी की तस्वीर साफ नही हो सकी है।

भदोही को लेकर पेंच फंसा हुआ है। भदोही के टिकट पर फैसला निषाद पार्टी की एक सीट का मसला सुलझने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, भदोही में 16 अप्रैल से नामांकन शुरू होगा। यहां, मतदान छठें चरण में होगा।

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