बीजेपी के साथ डा संजय निषाद (फाइल)

प्रयागराज / भदोही। महाराज गुहराज निषादराज की धरा श्रृंगेर बुधवार को एक नए सियासी घटनाक्रम की गवाह बनी। राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में वोट कर निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) से नाता तोड़ने वाले पूर्वांचल के बहुचर्चित विधायक विजय मिश्रा एक बार फिर निषाद पार्टी में शामिल हो गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर संजय निषाद ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाने के साथ ही पार्टी का प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त कर दिया है। इस सियासी घटनाक्रम के बाद सियासी पारा और चढ़ गया। डा. संजय निषाद और विजय मिश्रा की दो वर्ष पहले विधान सभा चुनाव के दौरान बनी इस जोड़ी ने कम समय में पूर्वांचल में निषाद पार्टी को बड़ा जनाधार वाली पार्टी बना दिया है, जिसका चुनावी फायदा बीजेपी गठबंधन को होगा।

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गठबंधन में मची हलचल, विजय मिश्रा आ गए

बीजेपी – निषाद पार्टी के गठबंधन के बाद पूर्वांचल में गठबंधन को तगड़ा झटका तो लगा ही लेकिन औराई के जयरामपुर में आयोजित बसपा-सपा और रालोद के विधान सभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में विजय मिश्रा के निषाद पार्टी में शामिल होने की खबर मिलते ही तमाम कार्यकर्ता व पदाधिकारी यही कहते नजर आए अब मुकाबला आसान नहीं। इन चर्चाओं के बीच सबसे अधिक भदोही का सियासी पारा चढ़ा रहा।

डाक्टर संजय निषाद और विजय मिश्रा साथ साथ

बड़ी बात यह भी है कि पूर्वांचल के ब्राहमण और अति पिछडी अन्य जातियों में विधायक विजय मिश्रा की अच्छी पकड़ है। साथ ही निषाद पार्टी के डा. संजय निषाद के साथ ने उन्हें काफी मजबूत बना दिया. लेकिन कुछ समय पहले डा. संजय निषाद और विजय मिश्रा के बीच दूरी ने दोनों की ताकत तो बांट दी थी, लेकिन सियासी नजरिए से दोनों के ग्राफ में इजाफा हुआ। डाक्टर संजय निषाद ने जहां उपचुनाव में बेटे प्रवीण निषाद को सपा के सिंबल से संसद का सफर तय करा दिया, वहीं राज्य सभा चुनाव में विजय मिश्रा ने बीजेपी प्रत्याशी को वोट का एलान कर पाशा बदलने के साथ सपा-बसपा दोनों को झटका दिया था, वहीं डा. संजय निषाद ने भी भाजपा से गठबंधन कर झटका दिया। लेकिन सपा-बसपा को तगड़ा झटका अब लगा है.. जब बसपा-सपा को झटके में पर झटका देते चले आ रहे डा. संजय निषाद और विजय मिश्रा ने एक बार फिर एक मंच पर हुए तो गठबंधन की गांठ पूर्वांचल में हिल गयी है। कल तक बनारस को छोड कर अगल बगल की जो तमाम सीटों पर सर्वें में बीजेपी को कम आंका गया और गठबंधन की जय जय की बात कही गयी थी, वहीं आज पूृूर्वाेचल की करीब करीब एक दर्जन सीटों पर पाशा पलट चुका है।