विजय मिश्रा

भदोही। विधायक विजय मिश्रा चार मई शनिवार को सुबह नौ बजे सियासी गलियारे में चल रही तमाम चर्चाओं से इतर कुछ भी निर्णय ले सकते हैं। बहरहाल, भदोही लोकसभा क्षेत्र के चुनाव के नजरिए से चार, पांच और सात मई की तारीख का खास मायने है। चार को यह भी तय हो जाएगा कि जिले की सियासत में किस दल का पलडा भारी होगा।

विधायक विजय मिश्रा ने भदोही लोकसभा क्षेत्र के चुनाव के मद्देनजर चार मई को अपने आवास धनापुर दक्षिणी में बूथ अध्यक्षों से लेकर प्रधानो, कोटेदारों, समर्थकों व अन्य सांगठनिक पदाधिकारियों, गणमान्य लोगों से मंत्रणा और चुनावी चर्चा/ समर्थन को लेकर आमंत्रित किया है। चार, पांच और सात मई की तारीख भदोही लोकसभा क्षेत्र के लिए खास मायने रखेगी। चार मई को चुनावी परिवेश में विधायक विजय मिश्र यह तय करेंगे कि वह और उनके समर्थक किसे समर्थन देंगे और उनका अगला कदम क्या होगा। यहां, यह बात भी खास मायने रखती है कि चार मई को उनका जिधर भी रूख होगा उस दल की हवा बन सकती हैं। हालांकि यहां यह भी विचारणीय सवाल है कि दल का सहयोगी होने के बाद भी विजय मिश्र को भाजपा ने
नामांकन में आमंत्रित नहीं किया और उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य और डा दिनेश शर्मा के कार्यक्रम में भी वह मंच पर नहीं दिखे। ऐसे में यह कयास लगाया जा रहा है कि विधायक कुछ भी निर्णय ले सकते हैं। हालांति उन्होने अभी तक पत्ता नहीं खोला है।

लोकसभा के लिहाज से पांच मई की तारीख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अलमऊ रैली के लिहाज से खास होगी, जबकि सात मई को बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा मुखिया अखिलेश यादव की सरपतहां में जनसभा तय है। ऐसे में चार, पांच और सात की तारीखें भदोही के नए सांसद के निर्माण की अहम कड़ी साबित होंगी। देखने वाली बात यह होगी कि भदोही में गठबंधन से बसपा, भाजपा और कांग्रेस में विजय मिश्रा के निर्णय के बाद किसका पलडा सबसे भारी पडता है।

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