मंदिर के सामने प्रदर्शन करते लोग

भदोही। न्यूज नेटवर्क । काशी प्रयाग के मध्य गोपीगंज नगर में अठारहवीं शताब्दी के मंदिर तक जाने की राह में काला पानी दानव बन खड़ा है। हालांकि लंबे समय से खड़ी इस चुनौती को लेकर नागरिकों का भागीरथ प्रयास शुरू हो गया है।

आईए, आपका इंतजार हैं…कुंज मार्ट गोपीगंज

गोपीगंज नगर के बस स्टैंड के समीप स्थित अति प्राचीन मंदिर मुक्तेश्वर नाथ पूरी तरह उपेक्षित पड़ा हुआ हैं | समाजसेवी व नगर पालिका परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष विनोद यादव ने बताया कि यह अति प्राचीन मंदिर का निर्माण 18वीं सदी में काशी के महाराजा श्री नारायण सिंह के समय में बघेल परिवार के वंशजों ने शिव कराया था। मंदिर की प्राचीनता अपने आप में स्वयं झलक रही है मंदिर का निर्माण सुर्खी चूना से कराया गया है। प्राचीन शिव मंदिर के तालाब में पिछले कई वर्षों से गोपीगंज नगरपालिका के नालो से नगर का गंदा पानी बहाया जा रहा है उसी गन्दे पानी के बीच शिव मंदिर विराजमान है।

भागीरथ प्रयास

बताया कि मंदिर के बगल ही राजा तालाब भी विराजमान था लेकिन आज मंदिर के चारों तरफ सिर्फ गंदे नालों का पानी देखा जा सकता है। उक्त मंदिर तक पहुंचने के लिए गोपीगंज के कुछ उत्साही शिवभक्त मार्ग की तलाश कर रहे हैं जिनका कहना है कि गंदगी के बीच उपेक्षित शिव मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया जाएगा जिसके लिए जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन, सांसद,विधायक समेत सम्भ्रान्त लोगों का सहयोग लिया जाएगा। शिव भक्तों में सतीश ठठेरा,मिंकू उमर, दीपक गुप्ता,बाबा लाल जायसवाल, सुनील अग्रहरी,मुकुंद उर्फ भाई जी,धर्मराज दुबे,आशीष दुबे, पंकज दुबे,बबलू जायसवाल, शिव अग्रहरि, दीपक गिरी समेत भारी संख्या में शिवभक्त मौजूद रहे।

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