24 घंटे में खुलासे वाली “मर्डर मिस्ट्री” के खलनायकों ने आखिर कैसे बनाया प्लान, जानिए यह भी सच…

खुलासा करते एसपी राम बदन सिंह

भदोही। भदोही पुलिस की झोली में एक बार फिर 24 घंटे वाली सफलता आयी और एक जघंन्य और दिल को दहला देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिखाया है। पुलिसकर्मियों को शाबासी और इनाम मिला है। मिलना भी चाहिए। वाकई में पुलिस ने अपना कर्तव्य तेजी से जो निभाया है, लेकिन यहां, यह भी जानना जरूरी हो गया है कि आज समाज में ऐसी घटनाएं हो क्यों रही है। इसके पीछे का कारण क्या है। अपना खून ही खून का दुश्मन कैसे बन जा रहा। यह भी जानना आज समाज के लिए बेहद जरूरी है। हमने इसके पीछे का वह वजह भी तलाशने का प्रयास किया है, जो आज ऐसी घटनाओं का कारण बन रहा है।

न्यूरो एवं मानसिक रोग विशे.डा.बृजभान बिन्द

हम आज इस खबर के जरिए आपको बताएंगे कि मन को जांचने, भांपने और नापने तक की क्षमता रखने वाले इस विशेषज्ञ ने जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक अपराध करने का कारण पुलिस सामने ला चुकी है, लेकिन ऐसे अपराध को अंजाम देने की योजना इन लोगों के दिमाग में आयी कहां से ? आईडिया कहां से मिला होगा। इनके दिमाग में अपने ही खून के कत्ल का इतना घटिया प्लान बना कैसे होगा। इसे आज बता रहे हैं मर्डर प्लान का पोस्टमार्टम की इस खबर में। तो सबसे पहले यह पढ़ लीजिए की घटना क्या थी, फिर क्या हुआ और मकसद क्या था। पुलिस को सफलता कैसे मिली।

दरअसल, कोतवाली के मोढ़ पुलिस चौकी क्षेत्र के जमुनीपुर अठगवां गांव मे मेला की बारी के पास स्थित रामजानकी मंदिर के पीछे शनिवार की रात मिली अज्ञात 16 वर्षीय किशोरी का न सिर्फ शिनाख्त किया गया। बल्कि पुलिस ने 24 घंटे के अंदर हत्यारोपियों को गिरफतार कर आरोपियों को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए जेल भेज दिया। रविवार की शाम पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने कोतवाली में पत्रकारों के सामने मामले का खुलासा किया।
इस दौरान एसपी श्री सिंह ने कहा कि अज्ञात किशोरी का शव मिलने के बाद सीओ भूषण वर्मा के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच व सुरियावां की टीम गठित की गई। रविवार को धरातलीय सूचना के आधार पर शव का शिनाख्त निशा दुबे पुत्र अमरेश कुमार दुबे निवासी कोछिया थाना सुरियावां के रुप में किया गया। मृतका की हत्या उसके परिजनों द्वारा किए जाने के संकेत मिले। उन्होंने कहा कि जिस पर गहराई से जांच की गई। उसके चाचा रंजीत दुबे के मोबाइल को चेक कर काल रिकार्डिंग में एक संदिग्ध काल मिली। उसी के आधार पर रंजीत से कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद रंजीत ने पूरी घटना सिलसिलेवार बताई। जिसके आधार पर उक्त घटना में शामिल अभियुक्त इंद्रेश कुमार दुबे व रंजीत उर्फ रणजीत दुबे उर्फ कल्लन पुत्र राधेश्याम दुबे व वंदना दुबे पत्नी इंद्रेश कुमार दुबे निवासी कोछिया को गिरफतार कर लिया गया। एसपी ने कहा कि पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उनका पट्टीदारों से जमीन का विवाद चल रहा था। पट्टीदारों को फसाने के लिए उसके अपहरण की झूठी कहानी रची गई। परंतु पुलिस द्वारा जांच करने पर यह मामला संदिग्ध पाया गया था। उसके बाद दोनों भाई उसकी हत्या कर विपक्षियों को फसाने के लिए चाल चली। अभियुक्त इंद्रेश निशा को घर से मोटरसाइकिल पर बैठाकर पूर्व निर्धारित स्थान पर ले आया। जहां पर इंद्रेश की पत्नी ने निशा को घर से ले जाने की बात फोन से रंजीत को कहीं थी। जबकि रंजीत पहले से ही घटना स्थल पर चापड़ रगड़ कर धारदार बना दिया था। इंद्रेश व निशा के पहुंचते ही दोनों भाइयों ने मिलकर निशा का हाथ, पैर और मुंह दबा दिया। चापड़ से गला काटकर हत्या कर दी गई। सुबह शव मिलने के बाद भी दोनों भाइयों द्वारा विपक्षियों को फंसाया जा रहा था। एसपी ने बताया कि घटना में प्रयुक्त बाइक व चापड़ को बरामद कर लिया गया है। अभियुक्तों को गिरफतार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक श्रीकांत राय, उपनिरीक्षक सुनील यादव, हेड कांस्टेबल स्वतंत्र सिंह, कांस्टेबल मनोज राय, मनोज सिंह, संजय पटेल, अखिलेश वर्मा, महिला कांस्टेबल रंजना, राधा यादव व चालक सुभाष यादव तथा स्वाट सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक अजय सिंह, कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, सुनील कन्नौजिया, नीरज यादव व सर्वेश राय सहित थाना प्रभारी सुरियावां उपनिरीक्षक विजय प्रताप सिंह मय हमराहियों के साथ मौजूद रहे। एसपी ने अभियुक्तों को गिरफतार करने वाली टीम को 10 हजार रुपए नगद पुरस्कार देने की घोषणा की।

अब यह जानिए, कैसे बना होगा मर्डर प्लान

इस घटना पर न्यूरो एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजभान बिन्द ने जो जानकारी दी है समाज को उसे जानना बेहद जरूरी है। दर असल यह सत्य है कि तमाम घटनाएं समाज में ऐसी भी होती है, जिसे रोका नहीं जा सकता। इन्ही घटनाओं में एक है जब अपना खून ही अपने खून का दुश्मन बन जाये। लेकिन ऐसी घटनाओं का मर्डर प्लान दिमाग में कैसे तैयार होता है समाज यह जान लें और बखूबी समझने लगे तो शायद तमाम घटनाओं को रोका जा सकता है। न्यूरों एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजभान बिंद ने बताया कि नशीले पदार्थ का सेवन करना, हिन्सक साहित्य, मूवी, सीरियल और मोबाइल गेम को देखने और पढ़ने वाले लोग ही ऐसी घटनाओं को अंजाम देते है। समाजिक शब्दों में यह मानसिक बीमारी चरम में पहुंचकर ऐसी घटनाओं का खाका आसानी से खींच लेती है। किशोरी की हत्या की घटना में भी इनके रचित मर्डर प्लान में निः संदेह सीरियल, मूवी, हिंसक साहित्य और मोबाइल सहायक बने होंगे।